मंत्री रवींद्र जायसवाल की अपील, खेती के लिए ‘स्प्रिंकलर सिंचाई रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ तकनीक अपनाएं किसान

वाराणसी। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत पर ड्रॉप मोर क्राप माइक्रो इरिगेशन पर आधारित दो दिवसीय मंडल स्तरीय कृषक प्रशिक्षण गोष्ठी का आयोजन बुधवार को आयुक्त मंडल के सभागार में आयोजित किया गया। गोष्ठी का उद्घाटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्टांप एवं न्यायालय शुल्क पंजीयन रवींद्र जायसवाल द्वारा उपस्थित वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के साथ दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर रवींद्र जायसवाल ने किसानो को अन्नदाता कहते हुए कहा कि गिरते हुए जल स्तर पर ध्यान देने एवं जल संरक्षण है स्प्रिंकलर सिंचाई रेन वाटर हार्वेस्टिंग सहित सभी पद्धतियां अपनाने का आह्वान किया।

इजरायल सऊदी अरब जैसे मरुस्थल का उदाहरण देते हुए बताया गया कि वहां पर बालू निकालकर उपजाऊ मिट्टी की ऊपरी परत बनाकर ड्रिप सिंचाई अपना कर साग भाजी की खेती एवं बागवानी का कार्य किया जा रहा हैं। उनके द्वारा एक शेर के माध्यम से कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो का संदर्भ देते हुए पानी के अनुसार पौधों का चुनाव चुनाव करने बागवानी करने एवं 90% तक की छूट प्राप्त कर योजना में डिप्र स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति अपनाने का आह्वान किया गया।

अपने संबोधन में मंत्री द्वारा गांव की संपन्नता से प्रदेश एवं देश की संपन्नता को जोड़ते हुए कृषि पर्यटन जैसे नए आयाम के साथ कृषि उपज का मूल्य संवर्धन करने जैसे सूजी उद्योग एवं ग्रामोद्योग अपनाने का अनुरोध किया गया।

उन्होंने राजकीय क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केंद्र ,कृषि विज्ञान संस्थान बीएचयू पर आधुनिक विधियों के मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए। जिससे किसान अवलोकन कर लाभान्वित एवं प्रेरित हो सकें।

कार्यक्रम में नन्हे लाल वर्मा, जितेंद्र कुमार सिंह, ज्योति कुमार सिंह, हरिशंकर सिंह, सुधांशु सिंह, रविन्द्र, मनीष, सुनील, बचाऊ, पंकज, अशोक, रोशन, प्रदीप श्रीवास्तव, सुरेश मिश्र, सहित चार सौ से अधिक कृषकों ने भाग लिया।

 

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