शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर नि‍भाई गयी परम्परा, बनारस के तीनों विश्वविद्यालय के कुलपति का हुआ सम्‍मान

वाराणसी। महामना पण्डित मदन मोहन मालवीय जी विद्वानों और गुरुजनों को उनके द्वारपर पालकी भेजकर आमंत्रित करते थे, ये बातें तत्कालीन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति और भूतपूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने कही थी। उन्‍होंने ये भी कहा था कि गुरुजन और शिक्षक का सम्मान उनके ड्योढ़ी यानी उनके घर या आश्रम पर जाकर प्रदर्शित करना चाहि‍ये नाकी अपने दरवाज़े पर बुलाकर, अपने एश्वर्य का प्रदर्शन करके।

उनके इसी वाणी को आत्मसात करते हुए रोटरी क्लब वाराणसी व उनके पदाधिकारी और सदस्यों द्वारा लगातार प्रत्येक वर्ष (शिक्षक दिवस 5 सितम्बर की पूर्वसंध्या पर) की भाँति इस वर्ष भी 4 सितम्बर 2019 को रोटरी क्लब वाराणसी के अध्यक्ष रो.चन्द्र शेखर कपूर के नेतृत्व में वाराणसी में प्रतिष्ठित तीनों विश्वविद्यालयो के कुलपति को उनके कार्यालय/आवास पर पहुँचकर उनके प्रति सादर व सम्मान प्रकट कि‍या।

भारतीय परम्परानुसार उनको पंचविधि से तिलक लगाकर, पुष्पहार अर्पित कर मालवीय पगड़ी और साफ़ा, अंगवस्त्र से सुशोभित कर ‘सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक अलंकरण 2019′ समर्पित किया गया।

सर्वप्रथम महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के आदरणीय वाइसचांसलर प्रो.टी.एन. सिंह जी को उनके आवास पर जाकर सम्‍मानि‍त कि‍या गया। फिर सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के आदरणीय वाइसचांसलर डा.राजाराम शुक्ल जी को कुलपति आवास पर तत्त्पश्चात प्रो. राकेश भट्टनागर जी को उनके आवास वीसी लाज पर बीएचयू परिसर में उपरोक्त विधि अनुसार सम्मानित किया गया।

इस अवसर क्लब के सचिव रो.मनीष खत्री ने क्लब के क्रियाकलाप से विद्वानजन को परिचित कराया।

इस सम्मान कार्यक्रम में संस्थापक अध्यक्ष रो. डा. अजीत सैगल, अध्यक्ष निर्वाचित रो. डा. अनिल ओहरी कोषाध्यक्ष योगेश अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक रो अंजनी साह, रेणु साह, रेखा कपूर, अंकिता खत्री, उपाध्यक्ष सीए रो.नारायण अग्रवाल, अनिता अग्रवाल, शिल्पी अग्रवाल, मानवेंद्र चड्ढा, आशीष बसाक, डा सुभाष चन्द्र खन्ना, सन्दीप पण्ड्या, बृजेश चंद्र पाठक, त्रयम्बकेश्वर सिह इत्यादि रोटरीयन बंधु ने अपनी सारगर्भित उपस्थिति प्रदान की।

इस अवसर पर अपने उद्धगार व्यक्त करते हुए वीसी विद्यापीठ प्रो. टी. एन. सिंह ने युवाओं में हिंसक प्रवृत्ति और बढ़ते आत्महत्याओं के घटना में रोक के लिए कार्यक्रम बनाने की सलाह दी। डा. राजा राम शुक्ल कुलपति, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने युवाओं में किशोरवय से ही भारतीय संस्कृति आचार विचार खानपान की आदत के साथ ही संस्कृत भाषा की महत्ता और प्रसार के लिए कुछ करने का सुझाव दिया।

वहीं वीसी काशी हि‍न्‍दू विश्वविद्यालय प्रो राकेश भट्टनागर ने रोटरी वाराणसी के प्राकृतिक संरक्षण के मुहिम तेरा तुझको अर्पण को सराहते हुए जल संरक्षण पर के लिए अपने द्वारा जे.एन.यू. में किए गए कार्य पर प्रकाश डालते हुए बताया की छोटे से लैब निर्माण में मामुली ख़र्च करके सवा लाख लीटर वर्षाजल को बचा लिया जाता हैं अतः छोटे से छोटे निर्माण में भी जल संरक्षण प्रणाली को अपनाया जाना चाहिए।

उन्होंने बीएचयू में सोलर पैनल, डिस्कवरी सेण्टर, अटल इनोवेषन के साथ ही विश्वविद्यालय के प्रवेश परीक्षा में आमूलचूल परिवर्तन के बारे में विस्तार से चर्चा की, जो कि सही मायने में मील का पत्थर साबित होगी।

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