1100 किलोमीटर की थी यात्रा, 23 अगस्त को बीएचयू से हुआ था रवाना 

वाराणसी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वी जयंती एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ एवं क्षेत्रीय निर्देशालय लखनऊ और भोपाल द्वारा आयोजित राष्ट्रपति महात्मा गांधी जीवन दर्शन साइकिल यात्रा दल के वाराणसी लौटने पर भव्य स्वागत किया गया।

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ज्ञात हो कि 23 अगस्त को भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय भवन से प्रारंभ महात्मा गांधी जीवन दर्शन साइकिल यात्रा मिर्जापुर, पतेहरा, हनुमान, रेवा, कटनी, मैहर, सतना, जबलपुर, सिवनी, डेवलपर, नागपुर, आचार्य विनोबा आश्रम पवनार होते हुए लगभग 1100 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी कर बापू कुटी सेवाग्राम, वर्धा, नयी तालीम और महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लेकर आज वापस वाराणसी लौटी।
यात्रा मार्ग में यात्री दल के सदस्यों ने विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, ग्रामसभा आदि जगहों पर जल संगरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, राष्ट्रीय एकता, बालिका शिक्षा, ग्रामीण विकास आदि विषयों पर 50 से भी अधिक नुक्कड़ नाटक और लगभग 95 सभाओं का आयोजन किया।

वही छात्र-छात्राओं के बीच जाकर यात्रा दल के सदस्यों ने बापू के प्रिय भजन रघु पति राघव राजा राम और वैष्णव जन तो तेने कहिये का गायन किया और उसका प्रशिक्षण भी दिया। जहां एक ओर यात्री दल के सदस्यों ने यात्रा मार्ग में पड़ने वाले ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया एवं  विभिन्न स्मारकों और प्रतिमाओं की सफाई की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर फिट इंडिया अभियान में हिस्सा भी लिया।

इस साइकिल यात्रा का नेतृत्व विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ बाला लखेंद्र कर रहें थे।

इस साइकिल यात्रा में भाग लेने वालों में आर्य महिला पीजी कॉलेज के कार्यक्रम अधिकारी डॉ मनीष तिवारी, बलवंत, विनायक झा, श्याम बदन कुमार, अभिषेक कुमार, दिव्य प्रकाश पाठक, रोहित कुमार कनौजिआ, राहुल कुमार यादव, अनीश कुमार, नयन आनदं, नितीश कुमार सुमन, निखिल प्रताप सिंह, हिमांशु यादव, सुभाष सिंह, सुजीत कुमार यादव, गौतम मौर्य और पवन कुमार आदि प्रमुख है।

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